Jan
03
2012
मित्रो,
'हिन्दी चेतना' का जनवरी-मार्च 2012 अंक प्रकाशित हो गया है |साक्षात्कार, कहानियाँ, कविताएँ, आलेख तथा अन्य अनेक स्तंभों को अपने में समेटे, 'हिंदी चेतना' का सफ़र एक नयी मंजिल की ओर चल पड़ा है | नयी टीम और नयी उमंग के साथ इस नए वर्ष का स्वागत करते हुए हमें जितना हर्ष है हमारी आशा है कि इस पत्रिका को पढ़ते हुए आपको उससे दुगना हर्ष प्राप्त हो | हमारा प्रयास है कि आपको अपनी भाषा में आपके मन की बात आप तक पहुंचाई जाए | इसमें हम कितना सफल हुए हैं, इसका पता हमको आपकी प्रतिक्रियाओं से चलता है | अतः निस्संकोच अपने मन की बात लिखें |
इस अंक को .आप पढ़ सकते हैं ....
http://hindi-chetna.blogspot.com/
http://www.vibhom.com/hindi%20chetna.html
http://issuu.com/hindichetna/docs/jan_march_2012
http://www.facebook.com/people/Hindi-Chetna/100002369866074
आप की प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा |
सादर सप्रेम,
सुधा ओम ढींगरा
संपादक -हिन्दी चेतना
Nov
06
2011
आज दिनांक 06.11.2011 के जनसंदेश टाइम्स, लखनऊ में कौन सी ज़मीन अपनी मेरे कहानी संग्रह की ई
समीक्षक एवं आलोचक अखिलेश शुक्ल द्वारा की गई समीक्षा प्रकाशित हुई है । पृष्ट 22 पर आप इसे पढ़ सकते
हैं |
http://jansandeshtimes.com/
Oct
28
2011
'शोध दिशा' पत्रिका के काका हाथरसी विशेषांक में काका जी पर मेरा संस्मरण ''अतीत के गलियारे से पढ़ें ''..
लिंक है ...
http://issuu.com/dipakmashal/docs/shodhdisha.july2011
Oct
21
2011
डॉ. कमल किशोर गोयनका जी से प्रवासी साहित्य, प्रेमचंद और इनसे जुड़े कई मुद्दों पर मुम्बई से प्रकाशित
पत्रिका ''कथाबिम्ब'' के लिए मेरी विशेष बातचीत आप ऑन लाइन इस पत्रिका में पढ़ सकते हैं ...
http://issuu.com/dipakmashal/docs/kathabimb.july
या इस लिंक पर जुलाई -सितम्बर अंक देखें
http://www.kathabimb.com/
Oct
18
2011
मित्रो,
'हिन्दी चेतना' का अक्तूबर -दिसम्बर २०११ अंक सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय
पर केन्द्रित विशेषांक प्रकाशित हो गया है | हिंदी व्यंग्य के धारदार हस्ताक्षर को समर्पित
इस अंक में पढ़िए-
पंकज सुबीर, मनोज श्रीवास्तव, प्रदीप पन्त, हरीश नवल, सूरज प्रकाश, अशोक चक्रधर,
मनोहर पुरी, सूर्यबाला, तरसेम गुजराल, यज्ञ शर्मा, नरेंद्र कोहली, उषा-राजे सक्सेना,
अनिल जोशी, गिरीश पंकज, ज्ञान चतुर्वेदी, महेश दर्पण, अजय अनुरागी, प्रताप सहगल,
हरि शंकर आदेश, अविनाश वाचस्पति, राधेश्याम तिवारी, अजय नावरिया, वेदप्रकाश
अमिताभ, लालित्य ललित तथा अमित कुमार सिंह के संस्मरण तथा आलेख |
इसके अलावा और भी...आप पढ़ सकते हैं ....
http://hindi-chetna.blogspot.com/
http://www.vibhom.com/hindi%20chetna.html
http://issuu.com/hindichetna/docs/hindi_chetna_oct_dec_2011
http://www.facebook.com/people/Hindi-Chetna/100002369866074
आप की प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा |
सादर सप्रेम,
सुधा ओम ढींगरा
संपादक -हिन्दी चेतना
Oct
03
2011
प्रिय मित्रो,
पिछले दिनों मेरी रचनाएँ कई पत्र -पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं, उनके लिंक दे रही हूँ, कृपया समय
निकाल कर इन्हें पढ़ें |
'क्षितिज से परे' मेरी कहानी ऑनलाइन पत्रिका 'लेखनी' के अक्तूबर अंक 'नारीः एक शक्ति'- विशेषांक में
छपी है |
लिंक है --
http://www.lekhni.net/2271598.html
रश्मि प्रभा जी द्वारा लिखित 'शख्स मेरी कलम से' इस लिंक पर पढ़ें...
http://sameekshaamerikalamse.blogspot.com/2011/09/blog-post.html
यूके से प्रकाशित पत्रिका 'पुरवाई' में मेरा लेख 'अमेरिका के कथा साहित्य में अमेरिकी परिवेश' छपा है |
लिंक है --http://www.pravasiduniya.com/18286
अखिलेश शुक्ल द्वारा लिखित मेरे कहानी संग्रह ''कौन सी ज़मीन अपनी'' की समीक्षा सृजनगाथा पर छपी है |
मेरे कहानी संग्रह ''कौन सी ज़मीन अपनी'' की पंकज सुबीर द्वारा लिखित समीक्षा 'साहित्य शिल्पी' पर छपी
है |
http://www.sahityashilpi.com/2011/09/blog-post_5283.html
प्रवासी दुनिया में मेरे कहानी संग्रह 'कौन सी ज़मीन अपनी' पर अमेरिका के प्रतिष्ठित अनुवादक एवं
समीक्षक रमेश शौनक द्वारा लिखित समीक्षा छपी है |
समाज की जमी हुई सिल को तोड़ती सुधा ओम ढींगरा की नई कहानियाँ – रमेश शौनक | PRAVASI DUNIYA | PRAVASI D
द सन्डे इंडियन में मेरा लेख 'सात समन्दर पार लेखिकओं का विपुल संसार' छपा है |
लिंक है -
परिकल्पना ब्लागोत्सव के लिए अविनाश वाचस्पति द्वारा लिया गया मेरा इंटरव्यू-
लिंक है -
Sep
03
2011
'लेखनी' पर मेरी कहानी छपी है |
लिंक है --http://www.lekhni.net/2235639.html
Jul
28
2011
नए कलेवर, नए रंग- रूप और नई साज- सज्जा के साथ उत्तरी अमेरिका की लोकप्रिय त्रैमासिक पत्रिका 'हिन्दी चेतना' का जुलाई -सितम्बर 2011अंक प्रकाशित हो गया है |
May
13
2011
मेरी कहानी 'फंदा क्यों...?' 'कथाबिम्ब' पत्रिका के पाठकों के अभिमतों के आधार पर वर्ष २०१० की श्रेष्ठ
कहानी घोषित हुई है | पाठकों की आभारी हूँ ...धन्यवाद !