Jun 26 2008

क्या पाया…………

Published by admin

क्या पाया.......

खुशियाँ ढूंढने चले
ग़म राह में गड़े थे.
ग़मों को चुन कर हटाया
दर्द साथ ही खड़े थे.
दर्द से रिश्ता जोड़ा
आंसू झर-झर झड़े थे.
आंसुओं को जब समेटा
दिन जीवन के कम पड़े थे.

डॉ. सुधा ओम ढींगरा

One Response to “क्या पाया…………”

  1. Dwivedi D.S.on 22 Mar 2010 at 5:43 am

    सुंदर रचना के लिए बधाई

Trackback URI | Comments RSS

Leave a Reply